भारत सरकार द्वारा श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए श्रमिक कार्ड (Labour Card) एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, जैसे- मजदूर, कारीगर, रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक आदि के लिए एक पहचान और लाभ प्रमाणपत्र के रूप में कार्य करता है। श्रमिक कार्ड धारकों को सरकारी योजनाओं, आर्थिक सहायता, बीमा, शिक्षा, आवास और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करता है। पिछले कुछ वर्षों में, इसके आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है, जिससे पारदर्शिता और सुविधा बढ़ी है। यह लेख 2026 के दृष्टिकोण से श्रमिक कार्ड के ऑनलाइन आवेदन की सम्पूर्ण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, लाभ और सावधानियों पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रस्तुत करेगा।
श्रमिक कार्ड क्या है? (What is Labour Card?)
श्रमिक कार्ड एक सरकारी पहचान पत्र है जो राज्य श्रम विभाग द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को जारी किया जाता है। इसे “वर्कर आईडी कार्ड” या “लेबर आइडेंटिटी कार्ड” भी कहा जाता है। यह कार्ड श्रमिक की पहचान, पेशे और आय का प्रमाण देता है, जो विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार बनता है। प्रत्येक राज्य की अपनी श्रमिक कार्ड योजना है, जैसे उत्तर प्रदेश में “उत्तर प्रदेश श्रमिक कार्ड”, बिहार में “बिहार श्रमिक कार्ड”, आदि।
श्रमिक कार्ड के मुख्य लाभ (Key Benefits of Labour Card)
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वित्तीय सहायता: बीमारी, दुर्घटना, प्राकृतिक आपदा या अन्य संकट की स्थिति में आर्थिक मदद।
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शिक्षा लाभ: श्रमिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति, शुल्क माफी, शिक्षण सामग्री आदि।
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चिकित्सा सुविधा: अस्पताल में मुफ्त या रियायती इलाज, बीमा कवर (जैसे आयुष्मान भारत)।
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आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) जैसी योजनाओं में प्राथमिकता।
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पेंशन योजना: वृद्धावस्था या अक्षमता की स्थिति में पेंशन का लाभ।
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ऋण सुविधा: बैंकों से कम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त करने में सहायता।
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कौशल विकास: मुफ्त व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्रवेश।
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भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण कोष (BOCW) से जुड़े लाभ।
श्रमिक कार्ड ऑनलाइन आवेदन 2026: चरण-दर-चरण प्रक्रिया
चरण 1: पात्रता जांच (Eligibility Criteria)
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आवेदक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
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आवेदक असंगठित क्षेत्र (जैसे- निर्माण, कृषि, घरेलू कार्य, ऑटो रिक्शा, बुनाई, मोची, सफाई कर्मचारी आदि) में कार्यरत होना चाहिए।
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आवेदक की वार्षिक पारिवारिक आय राज्य द्वारा निर्धारित सीमा (आमतौर पर 1-2 लाख रुपये) से कम होनी चाहिए।
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आवेदक के पास आधार कार्ड और मोबाइल नंबर अनिवार्य है।
चरण 2: आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
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आधार कार्ड
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निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड, बिजली बिल, पासपोर्ट)
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आयु प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, आधार)
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बैंक खाता पासबुक (IFSC कोड के साथ)
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मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
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पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ (हालिया)
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श्रमिक होने का प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हो, नियोक्ता या ट्रेड यूनियन का प्रमाण पत्र)
आवेदन प्रक्रिया (Online Application Steps)
विकल्प A: राज्य श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से
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अपने राज्य के श्रम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। (जैसे: उत्तर प्रदेश के लिए
http://uplabour.gov.in, बिहार के लिएhttps://labour.bih.nic.in) -
“श्रमिक पंजीकरण” या “Labour Registration” के लिंक पर क्लिक करें।
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“नया पंजीकरण” (New Registration) चुनें और आधार नंबर डालकर OTP के माध्यम से सत्यापन करें।
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आवेदन फॉर्म खुलने पर सभी व्यक्तिगत, पेशेवर और बैंक विवरण सावधानीपूर्वक भरें।
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आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन करके निर्धारित साइज और फॉर्मेट (PDF, JPG) में अपलोड करें।
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फॉर्म को दोबारा जांचें और “सबमिट” (Submit) बटन दबाएं।
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आवेदन पंजीकरण संख्या (Application Number) नोट कर लें। इससे आप आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
विकल्प B: राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से
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ई-श्रम पोर्टल (
https://eshram.gov.in) पर जाएं। यह केंद्र सरकार का एकीकृत पोर्टल है जो 2026 तक और अधिक व्यापक होने की उम्मीद है। -
“ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन” पर क्लिक करें और आधार नंबर डालें।
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आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त कर सत्यापन करें।
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फॉर्म में आधार से प्राप्त विवरण स्वतः भर जाएंगे। शेष जानकारी (पेशा, बैंक विवरण, शैक्षिक योग्यता आदि) भरें।
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एक फोटोग्राफ अपलोड करना होगा (यह स्वयं आधार से भी लिया जा सकता है)।
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सभी विवरणों की पुष्टि करने के बाद, “सबमिट” करें।
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सफल पंजीकरण के बाद, एक ई-श्रम कार्ड जनरेट होगा, जिसमें 12 अंकों की यूनिक श्रमिक पहचान संख्या (UAN) होगी। इसे डाउनलोड और प्रिंट किया जा सकता है।
चरण 4: आवेदन स्थिति ट्रैक करना और कार्ड प्राप्ति
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आवेदन संख्या का उपयोग करके विभाग की वेबसाइट पर “ट्रैक एप्लीकेशन स्टेटस” सेक्शन में स्थिति देखें।
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आवेदन सत्यापन और मंजूरी के बाद, श्रमिक कार्ड आवेदक के पंजीकृत पते पर डाक के माध्यम से भेज दिया जाएगा।
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कई राज्य अब ई-श्रम कार्ड को डिजिटल रूप में भी मान्य करते हैं, जिसे मोबाइल में सहेजा जा सकता है।
2026 की संभावित नवीनताएं और सुझाव
2026 तक, श्रमिक कार्ड प्रक्रिया और अधिक सरल, तीव्र और डिजिटल-केंद्रित होने की संभावना है। AI आधारित सत्यापन, ब्लॉकचेन तकनीक से डेटा सुरक्षा, और ई-श्रम पोर्टल का अधिक राज्यों के साथ एकीकरण हो सकता है। श्रमिकों के लिए यह सलाह है कि वे अपना आधार और मोबाइल नंबर हमेशा अपडेट रखें, गलत जानकारी न भरें, और अपने आवेदन की स्थिति नियमित रूप से जांचते रहें।
निष्कर्ष
श्रमिक कार्ड असंगठित श्रमिकों के लिए सरकारी सुरक्षा तंत्र की पहली कड़ी है। 2026 में ऑनलाइन प्रक्रिया के और अधिक सुगम होने के साथ, प्रत्येक पात्र श्रमिक का कर्तव्य है कि वह इसका लाभ उठाए और अपने सामाजिक-आर्थिक उत्थान की दिशा में एक कदम बढ़ाए। डिजिटल इंडिया के इस युग में, श्रमिक कार्ड न केवल एक दस्तावेज बल्कि श्रमिकों की गरिमा और सशक्तिकरण का प्रतीक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. क्या श्रमिक कार्ड और ई-श्रम कार्ड एक ही हैं?
जी हां, मूलतः दोनों का उद्देश्य समान है। ई-शर्म कार्ड केंद्र सरकार का एक राष्ट्रीय पोर्टल है, जबकि श्रमिक कार्ड राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है। अब धीरे-धीरे दोनों को एकीकृत किया जा रहा है। ई-श्रम कार्ड धारक भी राज्यों की योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।
2. अगर मेरे पास आधार कार्ड नहीं है तो क्या मैं आवेदन कर सकता हूं?
वर्तमान ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। यदि आपके पास आधार नहीं है, तो पहले नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाकर अपना आधार नंबर बनवाएं।
3. श्रमिक कार्ड के लिए आवेदन शुल्क कितना है?
श्रमिक कार्ड के आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं है। यह पूर्णतः निःशुल्क सेवा है। यदि कोई व्यक्ति पैसे मांगे, तो उसकी शिकायत तुरंत संबंधित विभाग में करें।
4. क्या एक परिवार के एक से अधिक सदस्य श्रमिक कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं?
हां, यदि परिवार के एक से अधिक सदस्य अलग-अलग या समान पेशे में काम करते हैं और पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, तो वे सभी अलग-अलग आवेदन कर सकते हैं।
5. क्या श्रमिक कार्ड पूरे भारत में मान्य है?
श्रमिक कार्ड मुख्यतः उस राज्य की योजनाओं के लाभ लेने के लिए होता है जहां इसे जारी किया गया है। हालांकि, पहचान पत्र के रूप में इसे राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है। ई-श्रम कार्ड एक राष्ट्रीय पहचान है।