बिहार बोर्ड (BSEB) की कक्षा 10वीं की वार्षिक परीक्षा 2026 की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए पाठ्यक्रम (सिलेबस) जानना सफलता का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। बोर्ड द्वारा जारी नवीनतम सिलेबस ही परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों का आधार होता है। यहाँ आपको 2025-26 शैक्षणिक सत्र के लिए कक्षा 10वीं का संपूर्ण, विषयवार पाठ्यक्रम और उसके अनुसार तैयारी की प्रभावी रणनीति बताई जा रही है।
सिलेबस का संक्षिप्त विवरण
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा में मुख्य रूप से पाँच विषय शामिल होते हैं, जिनमें से तीन अनिवार्य और दो वैकल्पिक होते हैं। प्रत्येक विषय के लिए निर्धारित अंक और परीक्षा का स्वरूप नीचे दिए गए हैं:
| विषय का नाम | विषय का प्रकार | कुल अंक (सैद्धांतिक) | परीक्षा का प्रकार/अवधि |
|---|---|---|---|
| हिंदी | अनिवार्य | 100 | लिखित (3 घंटे) |
| अंग्रेजी | अनिवार्य | 100 | लिखित (3 घंटे) |
| गणित | अनिवार्य | 100 | लिखित (3 घंटे) |
| विज्ञान | वैकल्पिक | 100 | लिखित (3 घंटे) |
| सामाजिक विज्ञान | वैकल्पिक | 100 | लिखित (3 घंटे) |
नोट: उपरोक्त के अलावा अतिरिक्त विषय (संस्कृत, उर्दू, फ़ारसी आदि) और आंतरिक मूल्यांकन के अंक भी जुड़ते हैं।
विषयवार विस्तृत पाठ्यक्रम एवं महत्वपूर्ण अध्याय
1. हिंदी (Hindi):
इस विषय को दो भागों में बांटा गया है – गद्य एवं पद्य खंड (पाठ्यपुस्तक से) और हिंदी व्याकरण।
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गद्य-पद्य खंड: इसके अंतर्गत निर्धारित पाठ्यपुस्तक से गद्यांश एवं पद्यांश आधारित प्रश्न, पाठों के सार, कवियों/लेखकों का परिचय और पात्रों की चारित्रिक विशेषताओं से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
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व्याकरण: इसमें वर्ण विचार, शब्द विचार (शब्द रचना, उपसर्ग-प्रत्यय), पद विचार (संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया, विशेषण आदि), वाक्य रचना, अशुद्धि शोधन, मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ और पत्र/निबंध लेखन जैसे टॉपिक शामिल हैं।
2. अंग्रेजी (English):
अंग्रेजी का पेपर भी दो भागों में होता है – अनसेकंड (Unseen) और सेकंड (Seen)।
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सेकंड पार्ट: पाठ्यपुस्तक (Panorama) के पाठों (Prose & Poetry) से कॉम्प्रिहेंशन, शॉर्ट व लॉन्ग आंसर टाइप प्रश्न पूछे जाते हैं।
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अनसेकंड पार्ट: इसमें ग्रामर (Tenses, Modals, Voice, Narration, Prepositions, Conjunctions), कॉम्प्रिहेंशन (एक अनजान गद्यांश), लेटर/ऐप्लीकेशन राइटिंग, पैराग्राफ राइटिंग और स्टोरी राइटिंग जैसे खंड होते हैं।
3. गणित (Mathematics):
गणित का पूरा पाठ्यक्रम एनसीईआरटी पैटर्न पर आधारित है। मुख्य इकाइयाँ हैं:
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वास्तविक संख्याएँ (Real Numbers)
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बहुपद (Polynomials)
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दो चरों वाले रैखिक समीकरण युग्म (Pair of Linear Equations in Two Variables)
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द्विघात समीकरण (Quadratic Equations)
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समांतर श्रेढ़ियाँ (Arithmetic Progressions)
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त्रिकोणमिति (Trigonometry)
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निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry)
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ज्यामिति (Geometry – Triangles, Circles)
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मापन (Mensuration)
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सांख्यिकी और प्रायिकता (Statistics & Probability)
4. विज्ञान (Science):
विज्ञान के पाठ्यक्रम को भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान – इन तीनों भागों में बांटा गया है।
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भौतिक विज्ञान: प्रकाश-परावर्तन तथा अपवर्तन, मानव नेत्र, विद्युत, चुम्बकत्व।
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रसायन विज्ञान: रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण, अम्ल, क्षारक एवं लवण, धातु एवं अधातु।
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जीव विज्ञान: जैव प्रक्रम, नियंत्रण एवं समन्वय, जीव जनन कैसे करते हैं, आनुवंशिकता एवं जैव विकास, हमारा पर्यावरण।
5. सामाजिक विज्ञान (Social Science):
इस विषय के चार मुख्य खंड हैं – इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र।
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इतिहास: राष्ट्रवाद और समाजवाद, भारत में राष्ट्रवाद, भूमंडलीकृत विश्व का बनना, औद्योगीकरण का युग।
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भूगोल: संसाधन एवं विकास, वन एवं वन्य जीव संसाधन, जल संसाधन, कृषि।
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राजनीति विज्ञान: सत्ता की साझेदारी, लोकतंत्र और विविधता, जाति, धर्म और लैंगिक मसले।
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अर्थशास्त्र: विकास, भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्र, मुद्रा और साख, वैश्वीकरण।
तैयारी के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
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आधिकारिक सिलेबस और पाठ्यपुस्तक: सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से नवीनतम सिलेबस डाउनलोड कर लें और बिहार बोर्ड द्वारा अनुमोदित पाठ्यपुस्तकों को ही पढ़ने का आधार बनाएँ।
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अध्यायवार योजना: प्रत्येक विषय के सभी अध्यायों की एक समय सारणी बनाकर तैयारी करें। कठिन लगने वाले अध्यायों (जैसे गणित में त्रिकोणमिति या विज्ञान में रसायन) को अधिक समय दें।
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नोट्स बनाएँ और दोहराएँ: पढ़ते समय अपने छोटे-छोटे नोट्स जरूर बनाएँ। ये नोट्स अंतिम समय में रिवीजन के लिए बहुत कारगर होते हैं।
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प्रश्न बैंक और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र: नियमित रूप से सैंपल पेपर और पिछले 5-10 वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें। इससे आपको प्रश्नों के पैटर्न, महत्वपूर्ण टॉपिक्स और समय प्रबंधन का अभ्यास होगा।
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सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान का समन्वय: विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों में तथ्यों के साथ-साथ उनकी व्यावहारिक समझ और रेखाचित्रों का अभ्यास जरूर करें।
निष्कर्ष:
बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं का पाठ्यक्रम विस्तृत लेकिन सुव्यवस्थित है। इसकी सही जानकारी और एक अनुशासित तैयारी योजना के साथ कोई भी छात्र बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकता है। सिलेबस के अनुसार निरंतर अभ्यास और मूल्यांकन ही सफलता की कुंजी है। सभी छात्रों को उनकी परीक्षा के लिए शुभकामनाएँ।